क्या है पूरा मामला
दरअसल, यह घटना एक महीने पहले की है। महिला आरक्षक ने कहा कि 27 दिसंबर 2019 को आरोपियों ने अपहरण कर मेरा रेप किया। वहीं इतने दिन बाद एफआईआर दर्ज करवाने की बात पर पीड़िता ने कहा कि वे लोग मेरे भाई को मारने की धमकी दे रहे थे। इस बात से मैं डर गई थी। महिला आरक्षक की शिकायत के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
आरोपियों का खौफ इतना था कि महिला आरक्षक उनके डर से अपने साथ हुई ज्यादती की घटना को लेकर एक महीने तक चुप रही। पीड़िता ने कहा कि अपहरण कर वे लोग मुझे एक कमरे में ले गए थे, जहां मेरे साथ दुष्कर्म किया। साथ ही उन लोगों ने धमकी भी दी थी कि अगर किसी को इसके बारे में जानकारी दी तो तुम्हारे भाई की हत्या कर देंगे।
फर्जी शादी का प्रमाण पत्र बनाकर धमकाया
पीड़िता ने शिकायत में यह भी कहा कि आरोपित व उसके परिजन ने घटना वाले दिन उसके आधार कार्ड, अंकसूची, फोटो भी पर्स से निकाल लिए थे। इसी आधार पर उन्होंने नोटरी में शादी का रजिस्ट्रेशन कराकर शादी का फर्जी दस्तावेज बनाए हैं। जब भी पीड़िता पुलिस में शिकायत करने की बात कहती तो आरोपित यही कहकर धमका देता था कि वह सबूत के तौर पर यह दिखा देगा कि तुमने उससे शादी की है।
हालही में आरक्षक की पत्नी के साथ भी हुआ था दुष्कर्म
कुछ दिन पहले ही ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में एक आरक्षक की पत्नी का भी अपहरण हुआ था। उस मामले में आरोपियों ने आरक्षक की पत्नी को पांच महीने तक यूपी में अपहरण कर रखा था। इस दौरान उससे रेप करते रहे। लेकिन पुलिस आरक्षक की पत्नी को ढूंढने में कामयाब नहीं हुई। सतीश शर्मा नाम के आरोपी के खिलाफ महिला ने लौटकर थाटीपुर थाने में अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है।