कोरोनावायरस:संक्रमण से बचने के लिए शिक्षक और बच्चों ने भी क्लास में मास्क लगाया

कोरोनावायरस:संक्रमण से बचने के लिए शिक्षक और बच्चों ने भी क्लास में मास्क लगाया


अंकलेश्वर / कोराना वायरस के कहर के चलते अंकलेश्वर एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा संचालित एसवीईएम इंग्लिश मीडियम स्कूल के संचालकों ने विद्यार्थियों को स्कूल में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया है। अभिभावकों को भेजे गए सर्कुलर में कहा गया है कि बिना मास्क के बच्चों को स्कूल न भेजें।


शिक्षकों के लिए भी अनिवार्य
स्कूल का यह आदेश बच्चों के अलावा शिक्षकों के लिए भी है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जिनके पास मास्क की व्यवस्था तुरंत नहीं हो पाती, उन्हें रूमाल का इस्तेमाल करना है। शाला की प्रिंसीपल मीनाक्षी बने भारद्वाज ने कोरोना वायरस के बारे में विस्तार से बच्चों को समझाया। उन्होंने बताया कि भीड़ वाले स्थानों पर यह वायरस तेजेी से फैलता है। इसलिए ऐसे स्थानों में जाने से बचें।


सर्दी-खांसी वाले बच्चों के लिए अलग से व्यवस्था
एसवीईएम इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रिंसिपल मीनाक्षी भारद्वाज ने बताया कि कोरोना वायरस सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। हम बच्चों को मास्क पहनने के लिए कह रहे हैं। जिन बच्चों को सर्दी-खांसी या बुखार है, उनके बैठने के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हम हेंड वॉश, मास्क और हेंड शेक आदि के बारे में जानकारी दे रहे हैं।


हाथ नहीं मिलाते, नमस्ते करते हैं
स्टूडेंट शौर्य मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस के कारण अब हम आपस में हाथ नहीं मिलाते, इसके बदले नमस्ते कहकर अभिवादन करते हैं। मास्क के कारण हमें सांस लेने में कोई परेशानी नहीं होती।


पेनिक होने के बजाए सावधानी रखें
हेल्थ कंसल्टंट डॉ. विलास पटेल ने बताया कि कोरोना से पेनिक नहीं, सावधानी जरूरी है। सर्दी-खांसी, के लक्षण दिखें, तो उन्हें मास्क पहनाएं। उनसे 3 फीट का अंतर रखें।


कोरोना वाय्ररस के लक्षण



  • सिरदर्द

  • नाक से पानी निकलना

  • गला सूखा लगना

  • स्नायु में दर्द

  • अधिक बुखार आना

  • सांस लेने में तकलीफ

  • न्यूमोनिया

  • सेप्सिस