24 घंटे चलने वाला दुनिया का पहला सोलर प्लांट

24 घंटे चलने वाला दुनिया का पहला सोलर प्लांट


इसका पैराबोलिक रिफ्लेक्टर सूर्य के अनुसार घूमता है


जयपुर / राजस्थान के आबू रोड स्थित ब्रह्मकुमारी संस्थान में दुनिया का पहला ऐसा सोलर थर्मल पावर प्लांट बनाया है, जो 24 घंटे चलता है। इसमें थर्मल स्टोरेज की भी सुविधा है, जिसमें सूरज की गर्मी को एकत्रित किया जाता है। इस प्लांट में ही पहली बार पैराबोलिक रिफ्लेक्टर विथ फिक्स फोकस तकनीक का इस्तेमाल किया गया। ये पैराबोलिक रिफ्लेक्टर किसी सूरजमुखी के फूल की तरह सूरज की दिशा के साथ-साथ घूमते हैं। इसे इंडिया वन नाम दिया गया है।

इसे बनाने में 70% फंडिंग भारत और जर्मनी की सरकार ने की है। 30% पैसा ब्रह्मकुमारी संस्थान ने खर्च किया है। इसे एक रिसर्च प्रोजेक्ट के तौर पर तैयार किया गया। यहां पर सालभर में देश दुनिया से हजारों स्टूडेंट रिसर्च के लिए आते हैं। इस प्लांट से ही रोज 35 हजार लोगों का खाना बनता है। साथ ही 20 हजार की टाउनशिप को बिजली मिलती है।


कैसे काम करता है ये प्लांट


प्लांट के प्लानिंग मैनेजर बीके योगेंद्र बताते हैं कि 25 एकड़ में फैले प्लांट में 770 पैराबोलिक रिफ्लेक्टर हैं। एक रिफ्लेक्टर 600 वर्गफीट का होता है, यानी एक 2 बीएचके फ्लैट के बराबर। सूरज की किरणें रिफ्लेक्टर पर लगे कांच से टकराती हैं। रिफ्लेक्टर के पास बना फिक्स फोकस बॉक्स फिर इन किरणों को रिसीव करता है। इससे अंदर बने कॉइल में पानी से स्टीम बनती है। इसी स्टीम से यहां बने किचन में खाना बनता है। स्टीम टरबाइन से बिजली बनती है।


सिर्फ सोलर ग्रेड मिरर अमेरिका से मंगवाए


सोलर प्लांट के सीईओ जय सिन्हा बताते हैं कि 1990 में जर्मनी से साइंसटिस्ट वुल्फगैंग सिफलर एक छोटा सा मॉडल लेकर आए थे। उसका आकार 2 वर्गफीट था। वे इसका इस्तेमाल यहां के आदिवासियों के लिए करना चाहते थे, ताकि वे लकड़ियां न जलाएं, स्टीम से अपना खाना बना लें। उस मॉडल के आधार पर इस प्लांट को यहीं के लोगों ने तैयार किया। प्लांट का 90% काम यहीं पर हुआ है। केवल सोलर ग्रेड मिरर अमेरिका से मंगवाए गए। 30 साल तक इस प्लांट को कुछ नहीं होगा। राजस्थान में तेज धूप मिलने के कारण इस सोलर प्रोजेक्ट को यहां स्थापित किया है।


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ग्वालियर। ग्वालियर में तीन मंजिला एक मकान में भीषण आग लगने से सात लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलसे लोगों का इलाज चल रहा है। फायर बिग्रेड आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है। घटनास्थल पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम कमिश्नर सहित प्रशासन के आला अधिकारी और राजनेता भी पहुंच गए। घटना इंदरगंज थाने से महज 100 मीट की दूरी पर हुई। आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं मिली है।  जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के इंदरगंज चैराहे पर रोशनी घर मोड़ पर तीन मंजिला मकान में गोयल परिवार रहता है। हरिमोहन, जगमोहन, लल्ला तीनों भाई की फैमिली रहती है जिसमें कुल 16 लोग शामिल हैं। इस मकान में एक पेंट की दुकान भी है जिसमें आधी रात को भीषण आग लग गई। दुकान की ऊपरी मंजिल में बने मकान में परिवार आग की लपटों में फंस गया।  देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। मामले की जानकरी मिलते ही फायर ब्रिगेड अमला मौके पर पहुंच गया और आग में फंसे परिवार को बचाने लगा। लेकिन तब तक सात लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी। एडिशनल एसपी ने सात लोगों की मृत्यु की पुष्टि की है। सुबह मौके पर सांसद विवेक शेजवलकर, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, चेम्बर अध्यक्ष विजय आदि भी पहुंचे। इस भीषण अग्निकांड की घटना में मृत लोगों के नाम इस प्रकार हैं - 1. आराध्या पुत्री सुमित गोयल उम्र 4 साल 2. आर्यन पुत्र साकेत गोयल उम्र 10 साल 3. शुभी पुत्री श्याम गोयल उम्र 13 साल 4. आरती पत्नी श्याम गोयल उम्र 37 साल 5. शकुंतला पत्नी जय किशन गोयल उम्र 60 साल 6. प्रियंका पत्नी साकेत गोयल उम्र 33 साल 7. मधु पत्नी हरिओम गोयल उम्र 55 साल 
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