अजमेर जेल से पैरोल पर मुंबई आया आतंकी जलीस अंसारी लापता

, 'डॉक्टर बम' के नाम से कुख्यात है



मुंबई / 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट और अजमेर धमाकों का दोषी आतंकी जलीस अंसारी (68) गुरुवार को मुंबई से लापता हो गया। वह 21 दिन पहले अजमेर जेल से पैरोल पर बाहर आया था। वह आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन से जुड़ा था। अजमेर ब्लास्ट के मामले में टाडा कोर्ट ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अंसारी आतंकियों को बम बनाने की ट्रेनिंग देता था, इसी के चलते वह 'डॉक्टर बम' के नाम से कुख्यात है।


अंसारी मुंबई के अग्रीपाड़ा इलाके के मोमिनपुरा का रहने वाला है। वह पैरोल पर अपने घर आया था। इस दौरान उसे रोजाना थाने में हाजिरी लगानी होती थी। पैरोल शुक्रवार को खत्म हो रही है, लेकिन गुरुवार सुबह से ही अंसारी की कोई खबर नहीं है।


बेटे ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई


पुलिस के मुताबिक, अंसारी के बेटे जैद ने गुरुवार दोपहर पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि पिता सुबह नमाज पढ़ने के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। अंसारी के लापता होने की शिकायत मिलते ही मुंबई क्राइम ब्रांच और एटीएस ने उसकी तलाश शुरू कर दी।


डॉक्टर बम के नाम से कुख्यात है अंसारी


जलीस अंसारी इंडियन मुजाहिद्दीन के आतंकियों को बम बनाने की ट्रेनिंग देता था, इसी के चलते लोग उसे 'डॉक्टर बम' के नाम से बुलाने लगे। 2008 के मुंबई ब्लास्ट केस में भी एनआईए ने 2011 में अंसारी से पूछताछ की थी।



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ग्वालियर। ग्वालियर में तीन मंजिला एक मकान में भीषण आग लगने से सात लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलसे लोगों का इलाज चल रहा है। फायर बिग्रेड आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है। घटनास्थल पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम कमिश्नर सहित प्रशासन के आला अधिकारी और राजनेता भी पहुंच गए। घटना इंदरगंज थाने से महज 100 मीट की दूरी पर हुई। आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं मिली है।  जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के इंदरगंज चैराहे पर रोशनी घर मोड़ पर तीन मंजिला मकान में गोयल परिवार रहता है। हरिमोहन, जगमोहन, लल्ला तीनों भाई की फैमिली रहती है जिसमें कुल 16 लोग शामिल हैं। इस मकान में एक पेंट की दुकान भी है जिसमें आधी रात को भीषण आग लग गई। दुकान की ऊपरी मंजिल में बने मकान में परिवार आग की लपटों में फंस गया।  देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। मामले की जानकरी मिलते ही फायर ब्रिगेड अमला मौके पर पहुंच गया और आग में फंसे परिवार को बचाने लगा। लेकिन तब तक सात लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी। एडिशनल एसपी ने सात लोगों की मृत्यु की पुष्टि की है। सुबह मौके पर सांसद विवेक शेजवलकर, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, चेम्बर अध्यक्ष विजय आदि भी पहुंचे। इस भीषण अग्निकांड की घटना में मृत लोगों के नाम इस प्रकार हैं - 1. आराध्या पुत्री सुमित गोयल उम्र 4 साल 2. आर्यन पुत्र साकेत गोयल उम्र 10 साल 3. शुभी पुत्री श्याम गोयल उम्र 13 साल 4. आरती पत्नी श्याम गोयल उम्र 37 साल 5. शकुंतला पत्नी जय किशन गोयल उम्र 60 साल 6. प्रियंका पत्नी साकेत गोयल उम्र 33 साल 7. मधु पत्नी हरिओम गोयल उम्र 55 साल 
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