सीएए विरोध प्रदर्शन के दौरान 22 जिलों में हुई थी तोड़फोड़, 350 प्रदर्शनकारियों को भेजा था 3.5 करोड़ का नोटिस

लखनऊ /  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों की होर्डिंग भले ही हटाने के निर्देश दिए हों, लेकिन योगी सरकार नुकसान की भरपाई से पीछे हटने को तैयार नहीं है। सरकार के सूत्रों ने बताया कि सरकार तोड़फोड़ करने वालों से भरपाई की प्रक्रिया को और तेज करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए संबंधित जिलों के डीएम को निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। उत्तर प्रदेश में 19 और 20 दिसंबर 2019 को 22 जिलों में सीएए के विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। तब मुख्यमंत्री योगी ने कहा था- नुकसान की भरपाई दंगाइयों से करेंगे। सीएम की इसी बात पर अमल करते हुए हिंसा प्रभावित जिलों में सरकार ने 350 प्रदर्शनकारियों से 3.5 करोड़ रुपए की वसूली का नोटिस जारी किया है। पुलिस महानिदेशक हितेश चन्द्र अवस्थी का कहना हैं कि सीएए हिंसा के मामले जो भी कार्रवाई की जा रही है, वह कानूनी प्रक्रिया के तहत है।


रामपुर: प्रशासन ने यहां 25 लाख रुपए की संपत्ति के नुकसान का आंकलन किया है। 24 दिसंबर को 28 लोगों को रिकवरी नोटिस भेजा था। डीएम आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले लोगों को जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया था। अब सभी से वसूली की जाएगी। यहां हिंसा के दौरान एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस की एक मोटरसाइकिल सहित 6 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था। रामपुर में हिंसा के सिलसिले में अब तक 33 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 150 से अधिक लोगों को चिन्हित किया गया है।


गोरखपुर: हिंसक प्रदर्शन में शामिल 33 लोगों को पुलिस ने नोटिस भेजा है। उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर है। अब तक 26 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस की ओर से जारी फोटो के आधार पर अन्य कई लोगों को पकड़ा गया है। घर से भागे या फरार लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है।


कानपुर: 16 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इनसे 10 लाख रुपए की वसूली की जानी है। तीन लोगों को जल्द नोटिस दिए जाएंगे। जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि यहां हिंसा के दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी।


बिजनौर: प्रशासन ने 43 लोगों को वसूली के नोटिस भेजे हैं। 146 लोगों को गिरफ्तार किया है। संपत्ति के नुकसान के दावों की सुनवाई के लिए एडीएम वित्त व राजस्व के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। यहां नहटौर में हुई दो मौतों की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए गए थे। एसपी का कहना है कि, हिंसा के दौरान 120 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। लोगों को उकसाने के मामले में बिजनौर के पूर्व पालिका अध्यक्ष जावेद आफताब समेत तीन पर 25-25 हजार का इनाम रखा गया है। तीनों फरार हैं।


लखनऊ में पोस्टर लगे तो बवाल हुआ: नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) लागू होने के बाद 19 दिसंबर को लखनऊ में हुए प्रदर्शन में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले 57 लोगों की तस्वीरें,उनके नाम-पते के साथ प्रशासन ने सार्वजनिक कर दिया गया। लेकिन हाईकोर्ट ने इस मसले का स्वत: संज्ञान लेकर होर्डिंग को हटाने का निर्देश दिया है। बीते गुरुवार रात यह होर्डिंग उन इलाकों में लगवाए गए, जहां इन्होंने तोड़फोड़ की थी। डीएम अभिषेक प्रकाश ने कहा- अगर तय वक्त पर इन लोगों ने जुर्माना नहीं चुकाया तो कुर्की की जाएगी। प्रशासन नेहसनगंज, हजरतगंज, केसरबाग और ठाकुरगंज इलाके में 57 लोगों से 88,62,537 रुपए वसूले जाने की बात भी कही है।