मासूम नवजात की हत्या की कोशिश हुई थी, मेडिकल रिपोर्ट में खुलासा

राजकोट / शहर से लगे ठेबचड़ा गांव में जो नवजात मिली थी, उसके शरीर पर तेज धारदार हथियार से 20 बार प्रहार किए गए थे। अब तक पुलिस इसे कुत्ते के काटने से हुए घाव बता रही थी। भास्कर ने बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट प्राप्त कर ली है, जिसमें यह खुलासा किया गया है कि बच्ची के शरीर पर जो घाव हैं, वह किसी धारदार हथियार से किए गए प्रहार से हुए हैं। इससे साफ है कि मासूम की हत्या की कोशिश की गई थी।



पुलिस की निंदनीय कार्यवाही
इस जानकारी को पुलिस ने 8 दिनों तक दबाए रखा। भास्कर ने के.टी.चिल्ड्रन हॉस्पिटल की डॉ. ऋतु चपला की रिपोर्ट प्राप्त कर ली है, जिसमें यह खुलासा किया गया है कि बच्ची के शरीर पर जो घाव हैं, वह किसी तेज हथियार के वार से हुए हैं। पुलिस इस जानकारी को दबा रखी थी।



26 फरवरी को अस्पताल लाई गई थी मासूम
26 फरवरी को सुबह 11 बजे बच्ची को गंभीर रूप से घायल अवस्था में 108 के माघ्यम से अस्पताल लाया गया था। 108 की ईएमटी दिव्या बेन बारड ने अपनी रिपोर्ट में लिखा था कि बच्ची के शरीर पर कुत्ते के काटने से कई घाव हो गए हैं। किंतु पीठ पर घाव के जो निशान हैं, वे किसी तेज धारदार हथियार के प्रहार से हुए हैं। बच्ची का इलाज करने वाले डॉ. जयदीप गणात्रा ने भी पीठ पर घाव को तेज हथियार के प्रहार से होना बताया था। किंतु पुलिस ने इसे केवल कुत्ते के काटने से हुए घाव बताते हुए अज्ञात मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।



भास्कर ने प्राप्त की डॉ. ऋतु चपला की रिपोर्ट
भास्कर ने पहले दिन ही कहा था कि मासूम की पीठ पर जो घाव हैं, वह किसी तेज धारदार हथियार से हुए हैं। किंतु पुलिस उसे कुत्ते के काटने से हुए घाव बता रही थी। अब डॉ.ऋतु चपला की रिपोर्ट सामने आ गई है, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि पीठ के घाव धारदार हथियार के हैं। इस रिपोर्ट के बाद पुलिस की करतूत सामने आ गई है।