बुरहानपुर में सास की हत्या करने वाली दो सगी बहनों को उम्रकैद

बुरहानपुर में सास की हत्या करने वाली दो सगी बहनों को उम्रकैद


क्राइम सीरियल देखकर रची थी वारदात की साजिश


बुरहानपुर / नेपानगर में 2 साल पहले सिर पर सिलबट्‌टा मारकर और दुपट्‌टे का फंदा बनाकर गला घोंट कर सास की हत्या करने के सनसनीखेज मामले में दो सगी बहनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर 10 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार गुप्ता की अदालत ने दिया। दोनों को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास, 5 हजार रुपए जुर्माना और धारा 201 के तहत 7 वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई।


दोनों बहनें 5 मार्च 2018 से जेल में हैं। दोनों ने अपराध छुपाने के लिए लूट की साजिश रची थी। पुलिस और परिवार को गुमराह किया, लेकिन जांच में दोनों की करतूत सामने आ गई। सास की हत्या करने के लिए दोनों ने क्राइम सीरियल देखकर लूट की झूठी वारदात की पूरी साजिश रची थी। दोनों ने सास की हत्या करने के पीछे दहेज के लिए प्रताड़ित करना कारण बताया था।


इन तथ्यों के आधार पर आरोपी दोनों बहनें पहुंचीं उम्रकैद की सजा तक



  • दीपिका द्वारा फरियादी बनकर प्रकरण दर्ज कराया गया था। इसमें दो फेरीवालों के आने का उल्लेख किया था लेकिन पूरे क्षेत्र में किसी ने भी फेरीवालों को नहीं देखा था। इस पर शंका हुई।

  • दीपिका ने कहा था- फेरीवाले ने सिर पर लोहे की राॅड मारी थी लेकिन उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं थे।

  • जिस दुपट्‌टे से योगिता का गला घोंटा गया था, वह अलमारी में था। अलमारी से वह बाहर कैसे आया, इस पर पुलिस ने सवाल किए थे।

  • घटनास्थल पर लिए फोटो में यह बात सामने आई थी कि खून से सने फर्श पर पैरों के पंजे के निशान थे लेकिन यह आकार में किसी पुरुष के नहीं बल्कि महिला के थे।

  • जेवर और रुपए लूटने की बात एफआईआर में थी लेकिन जांच के बाद घर के किचन में ही रुपए और जेवर जमीन में दबे हुए मिले थे।

  • पूछताछ में दीपिका ने बहन रूपा के साथ मिलकर हत्या करना कबूल किया था।


सास की प्रताड़ना से तंग आकर पहले आत्महत्या का मन बनाया था


नेपानगर के 7 नंबर गेट एरिया में 28 फरवरी 2018 को 55 वर्षीय योगिता साहू की हत्या हुई थी। उसे बहू दीपिका पति विजय साहू और रूपा पति रितेश साहू ने मारा था। अतिरिक्त शासकीय अधिवक्ता सुहैल हुसैन के अनुसार दोनों बहनों ने बताया था कि सास की प्रताड़ना से तंग आकर पहले दोनों ने आत्महत्या करने का मन बनाया था लेकिन बच्चों का भविष्य सोचकर मन बदल लिया। इसके बाद सास की हत्या की साजिश रची। हत्या के लिए 28 फरवरी को दोपहर का समय तय किया। उस दिन दोनों के पति संविदा कर्मचारियों की हड़ताल में शामिल होने भोपाल गए हुए थे। नगर पालिका में लिपिक ससुर मोतीलाल ऑफिस में थे। बहन दीपिका से फोन पर बातचीत के बाद बड़ी बहू रूपा बुरहानपुर से 700 रुपए में किराए से ऑटो कर नेपानगर आई। उसने घर से दूर ऑटो खड़ा कर कुछ देर बाद आने को कहा। साजिश के मुताबिक रूपा के आते ही दीपिका ने सिलबट्‌टा उठाकर सास योगिता के सिर पर वार किया। वह जमीन पर गिर गई लेकिन सांसें चल रही थीं। वह जिंदा न बच जाए, इसलिए दोनों ने कपड़े का फंदा बनाकर सास का गला घोंट दिया। हत्या के बाद रूपा बुरहानपुर लौट गई।


मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी की जांच थी अहम
प्रकरण में 21 लोगों ने गवाही दी। इसमें सबसे महत्वपूर्ण गवाही तत्कालीन थाना प्रभारी बीएस रावत की थी। उन्होंने ही मामले की पूरी जांच की थी और वारदात के दिन घर से चुराए गए जेवर तथा हत्या में उपयोग किया गया सिलबट्‌टा जब्त किया था।


सास ने मारपीट की शिकायत की थी
घटना के डेढ़ साल पहले सास योगिता ने दोनों बहुओं द्वारा मारपीट करने की शिकायत नेपानगर थाने में की थी। उसने ये शिकायतें 10 अक्टूबर और 15 अक्टूबर को की थी लेकिन तब इस मामले में पुलिस ने भी ध्यान नहीं दिया था। फिर इसकी जांच-पड़ताल हुई।


फेरीवालों द्वारा हमला करने की रची थी कहानी
सास की हत्या के बाद वारदात को लूट की नीयत से हत्या बताने के लिए रूपा ने दीपिका के पैर-हाथ बांधकर टी-टेबल पर पटक दिया। दीपिका ने झूठी कहानी रची थी कि दोपहर को दो फेरीवाले बैडशीट लेकर आए थे। खरीदने से इनकार करने पर भी वह घर में घुस आए और पीने के लिए पानी मांगा। वह पानी लेने गई, इधर दोनों ने सास पर लोहे की राॅड से हमला कर दिया। मैंने सास को बचाने गई तो मुझ पर हमला कर बांध दिया। बदमाश जेवर और एक लाख रुपए ले गए थे। घर में काम करने वाली युवती ने लोगों को बुलाया था। मामले की दीपिका ही फरियादी थी लेकिन वह ही आरोपी निकली।


संदेह के दो बड़े कारण



  1. दीपिका ने कहा था फेरीवाले ने सिर पर लोहे की राॅड मारी थी लेकिन उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं थे।

  2. घटनास्थल पर लिए फोटो में यह बात सामने आई थी कि खून से सने फर्श पर पैरों के पंजे के निशान थे लेकिन यह आकार में किसी पुरुष के नहीं बल्कि महिला के थे।


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