तत्कालीन डायरेक्टर पंकज त्रिवेदी

, नितिन महिंद्रा ने ही 4.5 करोड़ में बेची थी आंसर-की



भाेपाल / सीबीआई ने व्यापमं महाघोटाले से जुड़ी प्री-पीजी 2012 परीक्षा में हुई गड़बड़ी की चार्जशीट गुरुवार को विशेष अदालत में पेश की। इसमें सबूतों के आधार पर 32 लोगों को आरोपी बताया। जबकि एसटीएफ की चार्जशीट में आरोपियों की संख्या 28 थी। जो चार नए आरोपी बढ़े हैं, उनमें पूर्व आईएएस केसी जैन, डॉ. नर्मदा प्रसाद अग्रवाल, बेटी निष्ठा अग्रवाल और कैलाश नारायण सिंघल शामिल हैं।


चार्जशीट के मुताबिक व्यापमं के तत्कालीन डायरेक्टर पंकज त्रिवेदी और प्रिंसिपल सिस्टम एनालिस्ट नितिन महिंद्रा ने 12 उम्मीदवारों को 4.5 करोड़ रु. में मॉडल आंसर-की (शीट) बेची थी। दोनों ने बिचौलियों के जरिए हर उम्मीदवार से 25 से 75 लाख रु. तक लिए।


परीक्षा की आंसर शीट लीक कराने के लिए दोनों अफसरों का अरविंदो मेडिकल कॉलेज के मालिक डॉ. विनोद भंडारी और जीएम प्रदीप रघुवंशी से सौदा हुआ था। सौदे में दो करोड़ रुपए महिंद्रा को मिले थे। 


किसको-किसने-कितने में बेचा अपना ईमान


पंकज त्रिवेदी-नितिन महिंद्रा  (मुख्य सूत्रधार)- बिचौलियों के जरिये 12 उम्मीदवारों को बेची थीं मॉडल आंसर-की।


डॉ. विनोद भंडारी- अरविंदाे मेडिकल कॉलेज के मालिक भंडारी और जीएम प्रदीप रघुवंशी ने 2 करोड़ में छह आंसर-की खरीदीं। उम्मीदवारों से लिए थे 3.42 करोड़ रु.।


आरके शिवहरे (निलंबित डीआईजी)- दामाद व बेटी के सिलेक्शन के लिए 50 लाख में खरीदी थी मॉडल आंसर-की।


भंडारी, रघुवंशी ने 1.42 करोड़, सुधीर राय व संजीव शिल्पकार ने 20 लाख रु. कमीशन लिया।


मॉडल आंसर शीट पांच अलग-अलग ग्रुप को बेची


त्रिवेदी और महिंद्रा ने भंडारी, रघुवंशी, शिल्पकार, शिवहरे, सुधीर राय, भरत मिश्रा सहित अन्य बिचौलियों के माध्यम से एक ही मॉडल आंसर शीट उम्मीदवारों के पांच समूहों को बेची थी।



सबसे बड़ा सौदा इन छह उम्मीदवारों से


उम्मीदवार डाॅ. अनुराग जैन (रिटायर्ड आईएएस केसी जैन के बेटे),  डाॅ. सनी जुनेजा,  डाॅ. समीर मंडलाेई, डाॅ. साेमेश माहेश्वरी, डाॅ. अभिजीत सिंह खनूजा, डाॅ. आयुष मेहता से सबसे बड़ा सौदा 3.42 करोड़ रुपए में हुआ था। 


अजय कुमार जैन, रामप्रकाश ठाकुर, डाॅ. अमित कुमार जैन, डाॅ. राघवेंद्र ठाकुर ने 25 से 75 लाख में मॉडल शीट खरीदी।


आरके शिवहरे ने अपनी बेटी डॉ. नेहा शिवहरे, दामाद डॉ. आशीष आनंद गुप्ता के लिए 25-25 लाख रु. में शीट खरीदी थी। 


डाॅ. नर्मदा प्रसाद अग्रवाल ने बेटी डाॅ. निष्ठा अग्रवाल के लिए सुधीर राय और संजीव शिल्पकार से 75 लाख रु. में माॅडल आंसर की खरीदी। 


डॉ. प्रखर सिंघल के लिए उनके पिता कैलाश नारायण सिंघल ने भरत मिश्रा और बिपिन गोयल के माध्यम से आंसर शीट 75 लाख रु. में खरीदी थी।


खनूजा के पास था स्टूडेंट्स काे भाेपाल लाने का जिम्मा


सीबीआई ने चालान में काेर्ट काे बताया कि अरंविदाें मेडिकल काॅलेज के मार्फत माॅडल आंसर की खरीदने वाले डाॅ. अभिजीत खनूजा और उसके पांच साथियाें काे अभिजीत के पिता डाॅ. जीएस खनूजा इंदाैर से भाेपाल तक लेकर आए थे। सभी छह उम्मीदवाराें काे भरत मिश्रा की मंडीदीप स्थित श्रीजी पैपरपैक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में ठहराया गया था। प्रीपीजी 2012 के उम्मीदवाराें, परिजनाें और डाॅ. खनूजा काे भरत मिश्रा ने हबीबगंज रेलवे स्टेशन से रिसीव किया था।


तब केसी उज्जैन में पदस्थ थे


सीबीआई के चालान के मुताबिक रिटायर आईएएस केसी जैन ने प्रीपीजी 2012 में अपने बेटे डाॅ. अनुराग जैन का एडमिशन कराने के लिए साैदा किया था। उस समय केसी जैन उज्जैन में बताैर एडीशनल कमिश्नर रेवेन्यू के पद पर पदस्थ थे।


रिटायर आईएस जैन और भाेपाल के डाॅ. एनपी अग्रवाल भी आराेपी बने।



Popular posts
प्लास्टिक के दुष्प्रभाव से बचने समझना होगा वेस्ट मैनेजमेंट को
शादीशुदा BF संग भागी प्रेमिका, प्रेमी की पत्नी नही मानी तो प्रेमी पर दर्ज कराया RAPE का मामला
Image
कोतवाली पुलिस ने किए अंधे कत्ल के शेष दो आरोपी गिरफ्तार। 
Image
ग्वालियर। ग्वालियर में तीन मंजिला एक मकान में भीषण आग लगने से सात लोगों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलसे लोगों का इलाज चल रहा है। फायर बिग्रेड आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहा है। घटनास्थल पर जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, नगर निगम कमिश्नर सहित प्रशासन के आला अधिकारी और राजनेता भी पहुंच गए। घटना इंदरगंज थाने से महज 100 मीट की दूरी पर हुई। आग कैसे लगी इसकी जानकारी नहीं मिली है।  जानकारी के मुताबिक ग्वालियर के इंदरगंज चैराहे पर रोशनी घर मोड़ पर तीन मंजिला मकान में गोयल परिवार रहता है। हरिमोहन, जगमोहन, लल्ला तीनों भाई की फैमिली रहती है जिसमें कुल 16 लोग शामिल हैं। इस मकान में एक पेंट की दुकान भी है जिसमें आधी रात को भीषण आग लग गई। दुकान की ऊपरी मंजिल में बने मकान में परिवार आग की लपटों में फंस गया।  देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। मामले की जानकरी मिलते ही फायर ब्रिगेड अमला मौके पर पहुंच गया और आग में फंसे परिवार को बचाने लगा। लेकिन तब तक सात लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी। एडिशनल एसपी ने सात लोगों की मृत्यु की पुष्टि की है। सुबह मौके पर सांसद विवेक शेजवलकर, पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल, चेम्बर अध्यक्ष विजय आदि भी पहुंचे। इस भीषण अग्निकांड की घटना में मृत लोगों के नाम इस प्रकार हैं - 1. आराध्या पुत्री सुमित गोयल उम्र 4 साल 2. आर्यन पुत्र साकेत गोयल उम्र 10 साल 3. शुभी पुत्री श्याम गोयल उम्र 13 साल 4. आरती पत्नी श्याम गोयल उम्र 37 साल 5. शकुंतला पत्नी जय किशन गोयल उम्र 60 साल 6. प्रियंका पत्नी साकेत गोयल उम्र 33 साल 7. मधु पत्नी हरिओम गोयल उम्र 55 साल 
Image
उत्कृष्ट विद्यालय मुरार में नन्हे नन्हे हाथों ने उकेरी रंगोलियां
Image