जामिया के बाद अब शाहीन बाग में चली गोली

जामिया के बाद अब शाहीन बाग में चली गोली नाबालिग युवक कमलेश तिवारी और चन्दन गुप्ता की मौत से था आक्रोशित कई और खुलासे



नई दिल्ली / जामिया में 17 साल के युवक द्वारा CAA विरोधियों पर गोलीबारी के बाद शाहीन बाग में भी एक युवक ने गोली चला दी है ये फायरिंग जसोला रेडलाइट के पास हुई है हालांकि इस फायरिंग में किसी के जख्मी होने की खबर नहीं है जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने फायरिंग करने वाले युवक को हिरासत में ले लिया है !


पुलिस को फायरिंग करने वाले युवक ने अपना नाम कपिल बताया ! पकड़े जाने के बाद उसने कहा कि ‘इस देश में सिर्फ हिंदुओं की चलेगी.’ बताया जा रहा है कि कपिल दिल्ली के दल्लूपुरा का रहने वाला है


जबकि 2 दिन पहले दक्षिण दिल्ली के जामिया इलाके में 30 जनवरी को नाबालिग युवक द्वारा CAA विरोधियों पर गोलीबारी की घटना में नया खुलासा हुआ है ! 11वीं क्लास के उस छात्र ने बताया कि,वह हिंदूवादी नेताओं की हत्याओं से उद्देलित था इसलिए उसने गोली चलाई ! इसी तरह उसने कई और बड़े खुलासे किए !


घर से बहाना बना कर आया था 


उल्लेखनीय है कि, जामिया इलाके में आरोपित नाबालिग द्वारा चलाई गई गोली से प्रदर्शन कर रहा जामिया का एक छात्र घायल हो गया था। गोली चलाने का आरोपित जेवर स्थित घर से बहाना बनाकर बस से दिल्ली आया था। फिर ऑटो से जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय पहुंच गया था। यहां पर वह प्रदर्शनकारियों के साथ कुछ समय तक रहा। एकाएक वह कट्टा निकाल प्रदर्शनकारियों के बीच खड़ा हो गया। इसके बाद उसने गोली चलाई थी !


हवा में गोली चलाना चाहता था, कोई पछतावा नहीं 


यही कारण था कि उसने बदले की भावना से अपने गांव के एक शख्स की मदद से 10 हजार रुपये में तमंचा खरीदा था और दिल्ली आ गया था। हालांकि पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि उसकी मंशा किसी को गोली मारने की नहीं थी। वह हवा में गोली चलाना चाहता था। लेकिन उससे फायर हो गया। इसका उसे पछतावा भी नहीं है। उधर, पुलिस द्वारा नाबालिग को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने 31 जनवरी को प्रस्तुत किया गया। जहां से उसे 28 दिन के लिए सुधार गृह भेज दिया गया।


शरजील इमाम और सर्जिकल स्ट्राइक का मजाक उड़ाने वाले विदेशी एजेंट


पुलिस के मुताबिक, आरोपित सीएए के विरोध में प्रदर्शन के लिए केवल एक ही समुदाय के लोगों को जिम्मेदार मानता है। वह शरजील इमाम जैसे भाषण देने वालों और विदेशी एजेंट मानता है। वह सोशल मीडिया पर लगातार कट्टरवादी वीडियो देखता था। वह 26 जनवरी 2018 को कासगंज में निकाली गई तिरंगा यात्रा के दौरान चंदन की हत्या व गत वर्ष अक्टूबर में लखनऊ में हुई हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या से खासा आहत था। कश्मीरी पंडितों पर हुए अत्याचार से भी वह गुस्से में था। फिलहाल क्राइम ब्रांच यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नाबालिग को इस तरह की घटना को अंजाम देने के लिए किसी ने उकसाया तो नहीं था।


उम्र 17 साल 9 महीने 23 दिन 


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि,परिजनों द्वारा पेश किए गए आधार कार्ड और आरोपित के 10वीं के प्रमाणपत्र में उसकी उम्र 17 साल 9 महीने 23 दिन है। लिहाजा दिल्ली पुलिस ने जेजे बोर्ड के सामने उसकी सही उम्र का पता लगाने के लिए अस्थि परिशोधन टेस्ट करवाने का आग्रह किया है।